प्रभु श्री राम से सागर कह रहा है कि हालंकि आप सब जानते हैं पर मुझको बड़ाई देने के लिए मुझसे मार्ग पूछ रहे हैं, हे दाता आपकी सेना में नल नील नामक दो योद्धा हैं जो अपने गुरु के आशीर्वाद से शिल्प कला में इतने निपुण हैं कि जब आपकी कृपा हो जाएगी तो वो बड़े बड़े पत्थरों को भी पानी पर तैरा सकते हैं, यह कला उन्होंने अपने ब्रह्मचर्य काल में ऋषियों के सानिध्य में रह कर सीखी है, वो भोले इतने हैं कि आप से कह नही पा रहे, आप उनकर कृपा करके उन्हें पुल बनाने का कार्य सौंपे , आपकी कृपा से जरूर यह कार्य सम्पन्न होगा।
जय श्री राम
##सुंदरकांड पाठ चौपाई📙🚩