“ग्रामीण कनेक्टिविटी, स्किलिंग कार्यक्रम और कर्ज़ तक पहुंच पहले से ही नीति के एजेंडे में हैं। यह बजट गैर-कृषि रोजगार के लिए साफ़ लक्ष्य और फंडिंग तय कर सकता है, ताकि पलायन मजबूरी नहीं, बल्कि एक विकल्प बने,” ऐसा कहना है टाटा ट्रस्ट्स के सीईओ, श्री सिद्धार्थ शर्मा का।
केंद्रीय बजट से पहले, वे ग्रामीण भारत में आजीविका को मज़बूत करने के अवसर पर ज़ोर देते हैं। फसल विविधीकरण, किसान समूहों, सहायक आजीविकाओं और गैर-कृषि उद्यमों को समर्थन देकर, बजट स्थिर और सम्मानजनक रोज़गार पैदा कर सकता है। इससे समुदायों को मज़बूती मिलेगी और वे अपने भविष्य की बेहतर योजना बना सकेंगे।
पूरा लेख यहां पढ़ें:
https://tatatrusts.org/insights/opinions/putting-livelihoods-at-the-heart-of-the-union-budget-2026
#Budget2026 #UnionBudget #Development #SocialGood
#TataTrusts