-Manoj Chauhan
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1 months ago
!निदान हू इस लिये चुप हू! ज़िन्दगी है नादान इसलिए चुप हूँ, दर्द ही दर्द सुबह शाम इसलिए चुप हूँ, कह दूँ ज़माने से दास्तान अपनी, उसमें आएगा तेरा नाम इसलिए चुप हूँ!लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺