जब खेतों में पानी चढ़ा और सबने साथ छोड़ दिया, तब संत रामपाल जी महाराज किसानों के साथ खड़े रहे।प्राकृतिक आपदा से निपटने में सबसे पहले और सबसे प्रभावी रूप से जो संस्था सामने आई, वह संत रामपाल जी महाराज की थी।
संत रामपाल जी महाराज की मदद से सिर्फ एक गांव नहीं, आसपास के कई गांव बाढ़ से सुरक्षित हुए।राहुल मक्कड़ जी का कथन— “इस एहसान को ताउम्र नहीं चुका सकते”— संत रामपाल जी की सेवा का प्रमाण है।
संत रामपाल जी महाराज— गरीबों के मसीहा, किसानों के संरक्षक और जनता के सच्चे सेवक।कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ जी का संत रामपाल जी महाराज को धन्यवाद संदेश बताता है कि सेवा राजनीति से ऊपर होती है।जेल में रहते हुए भी गरीबों के घर, राशन और आपदा राहत— यह बताता है कि सच्ची सेवा सीमाओं में नहीं बंधती।
किसानों के मसीहा संत रामपाल जी महाराज को 1 जनवरी 2026 को सरपंच एसोसिएशन हांसी ब्लॉक-1 व टीम नरेश द्वारा जन सेवक रत्न से सम्मानित किया जाना, जनसेवा की सच्ची पहचान है।किसान नेता जोगिंदर मैयड़ जी का कथन— “हमें संत रामपाल जी के रूप में नारायण मिल गया”— किसानों की भावनाओं की सच्ची आवाज़ है।
जब सरकारें असहाय रहीं, तब संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने हरियाणा में पाइपलाइन व मोटरों से खेतों का पानी निकाला।
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