sn vyas
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25 days ago
प्रभु श्री राम के द्वारा एक ही बाण से समस्त उन दुष्टों का संघार देखकर जो सागर के उत्तर तट पर रह रहे थे सागर का मन अत्यंत प्रसन्न हुआ और वह प्रभु के बल व प्रभुता के गुणगान करने लगा, फिर सागर ने प्रभु को उन दुष्टों की दुष्टता का कुछ वर्णन किया व प्रभु का धन्यवाद करते हुए सागर का विप्र रूप अपने असली सागर में समा गया। ।। राम राम जी।। नए अंग्रेजी वर्ष की राम राम 🙏🙏🙏 ##सुंदरकांड पाठ चौपाई📙🚩