सभी प्रकार के बंधन तोड़ने वाली – माँ भुवनेश्वरी साधना
🔱 माँ भुवनेश्वरी कौन हैं?
माँ भुवनेश्वरी महाविद्याओं में चौथी महाविद्या मानी जाती हैं। ये सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की अधिष्ठात्री देवी हैं, जिनके अधीन पंच तत्व, ग्रह, दिशा और समय तक है।
"भुवन" का अर्थ है संपूर्ण लोक, और "ईश्वरी" का अर्थ है उनकी स्वामिनी — अर्थात् तीनों लोकों की स्वामिनी।
किसका रूप हैं?
माँ भुवनेश्वरी आद्या शक्ति त्रिपुर सुंदरी का एक विराट तांत्रिक रूप हैं। उनका स्वरूप करुणा और संहार दोनों का अद्भुत संगम है। ये माया, मुक्ति और संरक्षण तीनों ही प्रदान करती हैं।
कैसे कार्य करती हैं?
माँ भुवनेश्वरी की साधना से –
कर्म बंधन समाप्त होते हैं
दुश्मनों का जाल टूटता है
न्याय में विजय मिलती है
कर्ज, अदालत, वैवाहिक, मानसिक, तांत्रिक बंधन जैसे अड़चनें मिट जाती हैं
व्यक्ति की आभामंडल (Aura) इतना शक्तिशाली हो जाता है कि कोई भी नकारात्मक शक्ति पास नहीं आ पाती
इतिहास और पहली साधना
तांत्रिक ग्रंथों के अनुसार सबसे पहले इस साधना को भगवान श्रीराम ने लंका विजय से पहले किया था, ताकि समस्त बंधनों और रुकावटों को काटकर विजय प्राप्त हो। बाद में कई सिद्ध तांत्रिकों, नाथ योगियों और महामंडलेश्वर ने इसे साधा।
तांत्रिक साधना विधि (सभी बंधन तोड़ने हेतु)
अवधि: 11 दिन
स्थान: शुद्ध और एकांत कमरा
सामग्री:
घी का दीपक
कपूर और धूप
विधान:
1️⃣ साधक पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठे।
2️⃣ 108 बार निम्न मंत्र का जप करें –
ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः ॥
♦️ फल
जो व्यक्ति इस साधना को श्रद्धा और पूर्ण विधि से करता है, उसके ऊपर के सभी तांत्रिक, दैहिक, मानसिक और भौतिक बंधन टूट जाते हैं। यह साधना अदृश्य दरवाजों की कुंजी है, जिससे आपकी किस्मत के सारे ताले खुल जाते हैं।
#🌅శుభోదయం #🙏🏻శుక్రవారం భక్తి స్పెషల్ #🌹శుక్రవారం స్పెషల్ స్టేటస్ #🙏ఓం శ్రీ మాత్రే నమః🕉️ #🙏శ్రీ భువనేశ్వరి అమ్మవారు🕉️