श्यामा
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13 days ago
जिस्म की भूख कभी रही ही नहीं हमें, हमने अपने प्यार को दुआओं में रखा है... ना लफ़्ज़ों की जरूरत, ना बातों का कोई सिलसिला, हमने खामोशियों को भी अपनी पहचान में रखा है.. ना चाहत को कभी अधूरे अरमानों में रखा, हर एहसास को हमने बस सम्मान में रखा है... ये रिश्ता भी अजीब है, मगर सच्चा बहुत है.. इसे हमने हर दफा अपने ईमान में रखा है... ना दूरी का असर, ना वक्त पर कोई इल्ज़ाम रहा, इस रिश्ते को हमने कान्हा के एहसान में रखा है... हर दुआ में तेरा ज़िक्र चुपके से शामिल रहा, इस रिश्ते को हमने यूँ प्रार्थना में रखा है... #❣️Love you ज़िंदगी ❣️ #💓 मोहब्बत दिल से #🌙 गुड नाईट #😘बस तुम और मैं #सिर्फ तुम