सुशील मेहता
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फाल्गुन अमावस्या हिंदू पंचांग (Panchang) का आखिरी महीना फाल्गुन जारी है और इस महीने की कृष्ण पक्ष की आखिरी तिथि यानी अमावस्या तिथि को फाल्गुन अमावस्या (Falgun Amavasya) कहा जाता है। . पंचांग के साथ ही धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भी फाल्गुन अमावस्या के दिन का विशेष महत्व है. इस दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान कर, जरूरतमंदों को दान करते हैं। फाल्गुन अमावस्या के मौके पर देशभर में कई जगहों पर फाल्गुन मेला (Falgun Mela) भी लगता है. फाल्गुन अमावस्या के महत्व की बात करें तो ऐसी मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में सभी देवी-देवता साक्षात प्रकट होते हैं, इसलिए इस दिन नदियों में स्नान (Bathing in River) करके दान-पुण्य अवश्य करना चाहिए. इस दिन व्रत और पूजन करने से पितरों को मोक्ष मिलता है. इस दिन पितरों की शांति और अपने पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए दान, तर्पण और श्राद्ध आदि किया जाता है. ऐसा करने से परिवार के सदस्यों को किसी भी तरह की बाधाओं से बचाया जा सकता है। वैसे तो फाल्गुन अमावस्या के दिन चंद्र दर्शन नहीं होते, बावजूद इसके चंद्र देव और यम के साथ ही सूर्यदेव का भी आशीर्वाद पाने के लिए यह दिन विशेष माना जाता है. - इस दिन, लोग सूर्योदय से पहले पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और फिर जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र, कंबल आदि का दान करते हैं. - फाल्गुन अमावस्या के अनुष्ठान का अत्यधिक महत्व है क्योंकि इसे समृद्धि, कल्याण और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए किया जाता है. - फाल्गुन अमावस्या के दिन शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसो के तेल का दीपक लगाने सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है। #शुभ कामनाएँ 🙏