!मैखाना याद आया!
तेरी आँखों की बात हो तो पैमाना याद आया!
उल्फ़त जो याद आयी तो मैखाना याद आया!
दुनिया वाले करते है इश्क़ और गम की बातें!
जब भी देखा शमा को तो परवाना याद आया!
ज़माने भर की बातो में कही भूल न जाना हमें!
अक्सर ख्वाबों में तेरा मुस्कुराना याद आया!
बरसात के मौसम में वो बहुत याद आये हमें!
उनकी जवानी और अपना ज़माना याद आया!
किसी ने पूछा हम से की इश्क़ कैसे करते हो!
फरहाद, रांझा, मजनूँ सा दीवाना याद आया!
भूल जाउंगा तेरी प्यार में सारे जमाने को!
जानम जब तेरी प्यार मेरे दिल को याद आया!
लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️...
#🌷..chauhan..💐🌺