sn vyas
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#श्री हरि विष्णु भगवान विष्णु के 'दशावतार' (दस अवतार) हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक हैं। शास्त्रों के अनुसार, जब-जब पृथ्वी पर पाप बढ़ता है और धर्म की हानि होती है, तब भगवान विष्णु किसी न किसी रूप में अवतार लेकर सृष्टि की रक्षा करते हैं। भगवान विष्णु के दस अवतारों का विवरण नीचे दिया गया है: 1. मत्स्य अवतार (मछली) यह भगवान विष्णु का पहला अवतार था। जब एक दैत्य ने वेदों को चुराकर समुद्र की गहराई में छिपा दिया था, तब भगवान ने मछली का रूप धारण कर वेदों का उद्धार किया और प्रलय के समय राजा सत्यव्रत की रक्षा की। 2. कूर्म अवतार (कछुआ) समुद्र मंथन के समय जब मंदराचल पर्वत समुद्र में डूबने लगा, तब भगवान विष्णु ने विशाल कछुए का रूप लिया और पर्वत को अपनी पीठ पर धारण किया, जिससे मंथन पूरा हो सका। 3. वराह अवतार (सूअर) जब हिरण्याक्ष राक्षस ने पृथ्वी को चुराकर समुद्र के नीचे छिपा दिया था, तब भगवान ने वराह (सूअर) रूप धारण कर उस राक्षस का वध किया और पृथ्वी को अपने दांतों पर उठाकर बाहर निकाला। 4. नरसिंह अवतार (आधा मनुष्य, आधा शेर) अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए और अत्याचारी राजा हिरण्यकश्यप का वध करने के लिए भगवान ने यह रूप लिया। उन्होंने न पूर्ण मनुष्य और न पूर्ण पशु के रूप में आकर धर्म की रक्षा की। 5. वामन अवतार (बौना ब्राह्मण) राजा बलि के अहंकार को तोड़ने और देवताओं को उनका स्वर्ग वापस दिलाने के लिए भगवान ने एक छोटे ब्राह्मण का रूप लिया और तीन पगों में तीनों लोकों को माप लिया। 6. परशुराम अवतार (क्रोधित ऋषि) अहंकारी और अत्याचारी क्षत्रिय राजाओं के विनाश के लिए भगवान ने परशुराम के रूप में जन्म लिया। उनके पास एक अमोघ कुल्हाड़ी (परशु) थी। 7. राम अवतार (मर्यादा पुरुषोत्तम) त्रेता युग में रावण का वध करने और समाज को मर्यादा का पाठ पढ़ाने के लिए भगवान राम का जन्म हुआ। उनका जीवन सत्य और धर्म का आदर्श उदाहरण है। 8. कृष्ण अवतार (लीला पुरुषोत्तम) द्वापर युग में कंस का वध करने और महाभारत के युद्ध में अर्जुन का सारथी बनकर श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान देने के लिए भगवान कृष्ण ने अवतार लिया। 9. बुद्ध अवतार (शांति के प्रतीक) संसार में अहिंसा, करुणा और शांति का प्रसार करने के लिए भगवान ने बुद्ध के रूप में जन्म लिया। उन्होंने जीव हत्या रोकने और मानव कल्याण का मार्ग दिखाया। 10. कल्कि अवतार (भविष्य का अवतार) शास्त्रों के अनुसार, यह अवतार कलियुग के अंत में होगा। भगवान कल्कि सफेद घोड़े पर सवार होकर आएंगे और अधर्म का विनाश कर फिर से सतयुग की स्थापना करेंगे। निष्कर्ष ये दस अवतार क्रमिक विकास (Evolution) को भी दर्शाते हैं, जो जल से शुरू होकर (मत्स्य) अंत में एक पूर्ण विकसित मानव (राम, कृष्ण) तक पहुँचते हैं।