विश्व धूम्रपान निषेध दिवस
विश्व के समस्त लोगों को धूम्रपान छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु प्रत्येक वर्ष मार्च महीने के दूसरे बुधवार को ‘धूम्रपान निषेध दिवस’ (No Smoking Day) मनाया जाता है। दुनिया भर में धुम्रपान करने वाले लोगों की भरमार है, अगर भारत की बात करें तो एक शोध के मुताबिक लगभग 48% पुरुष और 20 % महिलाएं धुम्रपान करते हैं साथ ही धुम्रपान करने से एक पुरुष की औसतन आयु 13.2 वर्ष कम हो जाती है वहीँ एक महिला की औसतन आयु 14.5 वर्ष कम हो जाती है. एक अन्य शोध के अनुसार साल 2000 तक फेफड़े के कैंसर से हर साल लगभग दस लाख लोगों की मौत हो रही थी. इनमें से लगभग 85 प्रतिशत लोगों के कैंसर की वजह सिर्फ़ धुम्रपान था. इन्हीं सब बातों को ध्यान में रख कर धुम्रपान निषेध दिवस मनाया जाता है।
धुम्रपान एक ऐसा नशा है जो स्लो पाइजन की तरह कार्य करता है. जिसके भयावह परिणाम देखे गए हैं. इससे शुरूआती प्रभाव के रूप में स्वास्थ्य समस्याएं जैसे गले में जलन, सांस लेने में परेशानी और खाँसी आदि से इसके परिणाम दिखने शुरू होते हैं. इसके बाद धीरे-धीरे ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, हृदय रोग, स्ट्रोक और विभिन्न प्रकार के कैंसर होने की सम्भावना होती है. Premature death( अकाल मृत्यु) के सबसे बड़े कारणों में से एक धूम्रपान है।
#जागरूकता दिवस