उमंग सुल्लेरे लेखक
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4 days ago
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"जो जग को हंसना सिखलाते, उनको ये जग छलता है जो अपने आँशु की गंगा नहलाते, उनको ये जग ज़हर उगलता है" - उमंग सुल्लेरे ✍️ जनपद महोबा, उत्तर प्रदेश #उमंगसुल्लेरे #लेखक #कविता #महोबा #उत्तरप्रदेश #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🆕 ताजा अपडेट ये सच्चाई है उन सारे संवेदनशील रचनाकारों, शिक्षकों, कलाकारों और अच्छे इंसानों की, जो दूसरों को रोशनी देते हैं लेकिन खुद अंधेरे में रह जाते हैं। #🎙सामाजिक समस्या