सुशील मेहता
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राष्ट्रीय डिवार्मीग दिवस आज नेशनल डीवार्मिंग डे है, यानी कृमि मुक्ति दिवस। यहा उस कृमि या परजीवी की बात हम कर रहे हैं, जो बच्चों के पेट में रहता है और उनके पोषण के संतुलन को बिगाड़ देता है। इस कारण कई तरह की बीमारियां बच्चों में होती है। एनीमिया इनमें सबसे आम बीमारी हो चुकी है। एक सर्वे के मुताबिक देश के हर 10 में से छह बच्चे इसी बीमारी से ग्रस्त हैं और इसका कारण पेट में मौजूद यह कृमि ही है। इसीलिए हर साल 10 फरवरी और 10 अगस्त को कृमि मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है। आपको बता दें कि इस कृमि को सॉइल ट्रांसमिटेड हेल्मिन्थ्स (Soil Transmitted Helminths) कहा जाता है। यानी एसटीएच, जो पेट के इस संक्रमण के लिए जिम्मेदार होता है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) आंकड़े जारी कर कह चुका है कि विश्व में सबसे ज्यादा एसटीएच भारत में हैं जिसकेकारण 1 से 14 वर्ष के 220 मिलियन बच्चों के स्वास्थ्य को खतरा है। इतने बच्चे इस कृमि या परजीवी से पेट का संक्रमण झेल रहे हैं। इस संक्रमण को खत्म करने के उद्देश्य से हर साल इस दिन स्कूलों और आंगनबाड़ियों में बच्चों को एलबेंडाजोल नामक दवाई दी जाती है, जो इस परजीवी को पेट से बाहर निकालने का काम करती है। यह परजीवी पेट तक पहुंचने वाले हर पोषण को खा जाता है और उस पोषण का लाभ संक्रमित बच्चे को नहीं मिल पाता। देश में बच्चों का बड़ा तबका कुपोषण का शिकार है तो एनीमिया के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं। ऐसे बच्चों को कृमि मुक्त बनाने के लिए ही राष्ट्रीय कृमि निवारण दिवस की शुरुआत वर्ष 2015 में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry Of Health And Family Welfare) की ओर से की गई थी, इसके तहत देशभर के 1 से 19 वर्ष आयु के बच्चों को कवर किया जाता है। इस एक दिवसीय कार्यक्रम में पोषण संबंधी स्थिति जानने के साथ बच्चों के समग्र स्वास्थ्य में सुधार के लिए बच्चों को परजीवी आंत्र कृमि संक्रमण से मुक्त करने के लिये दवा उपलब्ध कराई जाती है।नवजात शिशुओं और स्कूली बच्चों को परजीवी कृमि संक्रमण से संरक्षित करने के लिए और इसके प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए प्रत्येक वर्ष 10 फरवरी को नेशनल डीवॉर्मिंग डे के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस का आयोजन संयुक्त रूप से मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry Of Women And Child Development) की ओर से भी सहयोग किया जाता है। #जागरूकता दिवस