Rajnee Gupta
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आसक्ति मन को निर्भरता और भय में बाँध देती है, जबकि प्रेम आत्मा को सहज और निःस्वार्थ बना देता है। जब हम संबंधों को अधिकार से नहीं, बल्कि सम्मान और स्वतंत्रता के भाव से जीते हैं, तो मन हल्का रहता है और रिश्तों में शांति बनी रहती है। आज आप अपने किसी संबंध में प्रेम की स्वतंत्रता को कैसे अपनाएँगे? #📃लाइफ कोट्स ✒️