-Manoj Chauhan
509 views
!!सुबह होती नहीं!! ये किन किनारों पर रूकी है नींद मेरी, इस सिरे तक पहुंचती नही ! बड़ी लम्बी हो रहीं हैं रातें, क्यों पलक झपकते ही सुबहें होती नहीं ! लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺