दुष्कर्म व POCSO एक्ट जैसे गंभीर मामले में भी माननीय हाईकोर्ट ने तथ्यों और कानूनी पहलुओं को देखते हुए आरोपी को सशर्त जमानत प्रदान की।
👉 कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आयु निर्धारण में केवल आधिकारिक प्रमाण पत्र को प्राथमिकता दी जानी चाहिए — जो कि एक महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु है।
✅ यह निर्णय दर्शाता है कि सही पैरवी और मजबूत दलीलों से न्याय मिल सकता है।
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Navneet Mishra
Advocate, High Court Allahabad
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