Jan-Kranti hindi news bulletin
731 views
2 days ago
AI indicator
अमिताभ कुमार दास आई पी एस की गिरफ्तारी पर उठ रहा प्रश्न चिन्ह..??? जनक्रांति कार्यालय से केंद्रीय ब्यूरो चीफ प्रमोद कुमार सिन्हा की रिपोर्ट उनकी गिरफ़्तारी सोची समझी राजनीती क़े अंतर्गत की गयी है ताकी आम जनता को इसकी जानकारी नहीं हो सके, इंडिया न्यूज़ डेस्क (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 13 मार्च, 2026)। अमिताभ दास पूर्व आई पी एस अधिकारी की गिरफ़्तारी पोक्सो एक्ट औऱ अन्य न्यायिक धाराओं क़े अंतर्गत एफ आई आर संख्या ४४ / २०२६ क़े अंतर्गत चित्रगुप्त थाना पटना द्वारा गिरफ्तार किया जाना औऱ समस्त मिडिया चुप्पी साधे हुए जैसे लगता है कोई बड़ा अपराधी गिरफ्तार हुआ है आखिर क्यों..? इसके पीछे साफ कारण है मिडिया स्वच्छ औऱ निष्पच्छ नहीं है निष्पच्छ हो भी तो कैसे ये प्रत्येक प्रिंट औऱ इलेक्ट्रॉनिक मिडिया को रेबड़ी बांटा जाता है करोड़ो करोड़ रूपया का बिज्ञापन प्रतिदिन दो दो तीन पृष्टों में निकलता है, सरकारी बिज्ञापन ज़ब सरकार से इतना पैसा रोजाना मिलेगा तो मिडिया निष्पच्छ नहीं बिकाऊ हो जायेगा उसकी लेखनी बन्द हो जायेगा जबकि लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ मिडिया होता है जो पूर्ण रूपेण ध्वस्त हो चुका है। पुनः आई पी एस अमिताभ पर कोई ऐसा गंभीर आरोप नहीं लगता है हाँ एक सरकारी लोगो अशोक चिन्ह का प्रयोग उन्हें नहीं करना था लेकिन ये तो अशोक स्तम्भ राजा अशोक ने बनवाया था। इसका प्रयोग बर्जित है, ये कानूनी धारा बनाया जाना था ऐसा क्यों नहीं. ??? अमिताभ दास क़े पास ऐसा कौन सा एविडेंस था। जिसे वे सी बी आई डायरेक्टर को देनेबाले थे। जो सीधे सीधे माननीय मुख्यमंत्री नीतीश जी औऱ उनके पुत्र पर था। उन्होंने अपने लेटर पैड पर महामहिम महोदया राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को भी माननीय प्रधान मंत्री मोदी जी पर प्रमाण सहित अति संबेदनशील औऱ गंभीर आरोप लगाते हुए बरखास्तगी की माँग की थी। लगता है उनकी गिरफ़्तारी सोची समझी राजनीती क़े अंतर्गत की गयी है ताकी आम जनता को इसकी जानकारी नहीं हो सके, हाँ वे बेबाक बोलते थे इसमें कोई शक नहीं लेकिन वे कच्चे खिलाड़ी भी तो नहीं थे। वे आई पी एस रह चुके हैँ बिना प्रमाण क़े गंभीर आरोप नहीं लगा सकते हैँ ये अति संबेदनशील मामले हैँ औऱ उनके फॉलोवर चुप्पी साध लिये हैँ डर क़े कारण आखिर उस राज का खुलाशा होना चाहिये। क्यों पुलिस उनके पास मौजूद एविडेन्स को नष्ट किया। क्या पुलिस का काम व्यक्ति विशेष की अंगुली क़े इशारे पर नाचना है. ??? उन्होंने सेवा में आने क़े साथ संबिधान की रक्षा की कसमें क्यों खायी थी ?वो पुलिस पदाधिकारी कैसा जो संबिधान की शपथ ले औऱ उसके विपरीत व्यक्ति विशेष क़े लिये काम करे, अमिताभ दास ने अपने एक एपिसोड में बताया है की कैसे उनपर माननीय का दबाब पड़ा था उनके पिता को स्वतंत्रता सेनानी घोषित किया जाये परन्तु वे साधारण वैद्य थे औऱ कोई भी कागजात ऐसा नहीं था जिस आधार पर उन्हें स्वतंत्रता सेनानी घोषित किया जाये, वे दबाब क़े बाबजूद भी नहीं झुके इसका खामियाजा उन्हें जबरिया रिटायरमेंट क़े रूप में मिला वह पुलिस पदाधिकारी कैसा.? जो संविधान की शपथ ले औऱ व्यक्ति विशेष क़े इसारे पर नाचने क़े लिये विवश हो धन्य है पुलिस महकमा औऱ धन्य हैँ। वे प्रशासनिक पदाधिकारी उन्हें दिल से हम सलाम करते हैँ ये उपरोक्त आलेख प्रकाशन हेतु प्रमोद कुमार सिन्हा, केंद्रीय ब्यूरो चीफ, जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन द्वारा प्रेषित व समस्तीपुर प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #moj_content ##Ips Amitabh Das ##Begusarai jankranti news, ##Samastipur news