पापमोचिनी एकादशी
चैत्र मास के कृष्ण पक्ष में जो एकादशी पड़ती है उसे पापमोचिनी एकादशी के रूप में जाना जाता है। पुराणों में बताया गया है कि पापमोचिनी एकादशी का व्रत रखना बेहद शुभफलदायी माना गया है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, पापमोचिनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सभी पुराने पाप धुल जाते हैं और मन का मैल साफ हो जाता है।
पापमोचिनी एकादशी के बारे में शास्त्रों में बताया गया है कि इस व्रत को करने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव को दूर किया जा सकता है और इसके साथ ही मन के बुरे विचार भी नष्ट हो जाते हैं। पापमोचिनी एकादशी का व्रत करने वाले जातकों का चंद्रमा भी शुभ फल देता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पीले फूलों से पूजा करना सबसे शुभ माना जाता है। कुछ लोग इस दिन पूर्ण उपवास करते हैं तो कुछ लोग इस दिन एक पहर भोजन करके व्रत करते हैं। इस दिन नवग्रहों की पूजा करना सबसे अच्छा माना जाता है। इस दिन व्रत करने वाले जातकों को संसार के सभी सुख प्राप्त होते हैं।
#शुभ कामनाएँ 🙏