अनेकों प्रकार के रोगों के रूप में मनुष्यों को भोगना पड़ता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि पापों से मुक्ति पाई जा सकती है?
यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13 में लिखा है कि परमेश्वर अपने साधक के घोर से घोर पाप को भी समाप्त कर देता है। जब पाप ही समाप्त हो गया तो फिर रोग भी नहीं रहेगा।
#sant ram pal ji maharaj