"कृष्ण मनोहारीणी" राधिका~
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क्या अधूरा है मुझे में..? - कुछ भी तो नहीं.... हां ये जरूर है, कि मैं मेरे ही वश में नहीं... निगहबखनी में है__ - अनगिनत ख्वाब मेरे.... तो क्या हुआ- जो अभी ये वक्त मेरे हक़ में नहीं...! #☝ मेरे विचार #✍️ अनसुनी शायरी #💓 दिल के अल्फ़ाज़ #📃लाइफ कोट्स ✒️ #💚 लाइफ़ की शायरी