#🙏🏻 श्री तिरुपति बालाजी 🚩
🐴✨ ज्ञान, बुद्धि और वेदों के रक्षक: भगवान हयग्रीव का दिव्य स्वरूप 📚🕉️
क्या आप जानते हैं कि भगवान विष्णु ने एक बार अश्व (घोड़े) का मुख धारण किया था? यह कोई साधारण रूप नहीं, बल्कि ज्ञान और विद्या के देवता 'हयग्रीव' का अवतार है! 🙏
जब असुरों ने वेदों का हरण कर सृष्टि को अज्ञान के अंधकार में धकेल दिया था, तब भगवान श्रीहरि ने हयग्रीव रूप धारण कर वेदों की पुनर्स्थापना की और जगत में पुनः ज्ञान का प्रकाश फैलाया। 🌅
✨ इस दिव्य स्वरूप का रहस्य:
यह स्वरूप केवल अद्भुत ही नहीं, बल्कि अत्यंत गूढ़ भी है:
🔹 अश्व मुख: वेग और निरंतर सीखने का प्रतीक।
🔹 निर्मल स्फटिक वर्ण: ज्ञान की परम शुद्धता।
🔹 हाथ में ग्रंथ: समस्त विद्याओं का आधार।
🔹 कमल: आध्यात्मिक चेतना का विकास।
📖 शास्त्रों में महिमा:
भगवान हयग्रीव को सभी विद्याओं का आधार माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है—
ज्ञानानन्दमयं देवं निर्मलस्फटिकाकृतिम्।
आधारं सर्वविद्यानां हयग्रीवं उपास्महे॥
अर्थात्: जो ज्ञान और आनंद से पूर्ण हैं, जो निर्मल स्फटिक (Crystal) के समान उज्ज्वल हैं और जो समस्त विद्याओं के आधार हैं, ऐसे श्री हयग्रीव की हम उपासना करते हैं। 🙏
🎓 विद्यार्थियों और साधकों के लिए विशेष:
जो भक्त श्रद्धा से भगवान हयग्रीव का ध्यान करते हैं:
✅ उनकी बुद्धि तीक्ष्ण (Sharp) होती है।
✅ स्मरणशक्ति (Memory) प्रबल होती है।
✅ कठिन विषय भी सहज समझ आने लगते हैं।
✅ वाणी में मधुरता और स्पष्टता आती है।
📿 आज का मंत्र:
अपनी पढ़ाई या किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले इस मंत्र का जाप अवश्य करें:
✨ “ॐ श्री हयग्रीवाय नमः” ✨
जहाँ हयग्रीव की कृपा होती है, वहाँ अज्ञान का अंधकार टिक नहीं सकता।
🙏 क्या आप अपने बच्चों या स्वयं के लिए अच्छी बुद्धि की कामना करते हैं?
कमेंट्स में "ॐ श्री हयग्रीवाय नमः" लिखकर प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करें! 👇
!! जय जय श्री राधे !!
➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶
#🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🌸शुभ शुक्रवार🙏 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🌸जय सिया राम