🐿️ जब नन्ही गिलहरी ने जीता प्रभु श्रीराम का दिल! ❤️
जब समुद्र पर 'राम सेतु' का निर्माण हो रहा था, तो महाबली हनुमान और वानर सेना बड़े-बड़े पर्वत उठा ला रही थी। तभी एक नन्ही गिलहरी ने सोचा- "मैं भी अपने प्रभु के काम आऊँ।"
वह समुद्र में अपना शरीर भिगोती, फिर रेत में लोट जाती और शरीर पर चिपकी रेत को सेतु पर झाड़ देती। 🌊🏖️
यह देख कुछ वानर हँसने लगे- "अरे हट जा! तेरे इन धूल के कणों से क्या होगा?"
लेकिन प्रभु श्रीराम ने उसे अपनी हथेली पर उठाया और बड़े प्यार से उसकी पीठ पर उंगलियां फेरीं। उन्होंने कहा:
"वानरों! तुम अपनी शक्ति के अनुसार कार्य कर रहे हो, और यह नन्ही जीव अपनी 'क्षमता' के अनुसार। इसका समर्पण तुम्हारे पर्वतों से कम नहीं है।"
कहते हैं, प्रभु के प्रेम भरे स्पर्श से ही गिलहरी की पीठ पर वह तीन धारियाँ (Three Stripes) बन गईं, जो आज भी उसके समर्पण की निशानी हैं। 🙏🌸
सीख: सेवा छोटी हो या बड़ी, ईश्वर केवल आपका 'भाव' और 'समर्पण' देखते हैं।
।। जय श्री राम ।।
!! जय जय श्री राम !!
➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶
#🌸जय सिया राम #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🔱हर हर महादेव #🕉️सनातन धर्म🚩