-Manoj Chauhan
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!! तुमने ना छोड़ा हमे जीने के काबिल!! न हम रहे दिल लगाने के काबिल, न दिल रहा ग़म उठाने के काबिल, लगे उसकी यादों के जो ज़ख़्म दिल पर दिया उसने, गुनाह क्या किया था हमने न छोड़ा उसने मुस्कुराने के काबिल!! लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺