#मोदी है ....... खून में ही व्यापार है
जो गांधी, सुभाष, टैगोर, तिलक, नेहरू, भगत सिंह के नहीं हुए, वे राम के भी नहीं होंगे। वे किसी के नहीं हैं। वे बस व्यापारी हैं। जो जितना बिक रहा है, उसे उतना बेच रहे हैं।
पुतिन आएंगे तो वे गांधी के शिष्य बन जाएंगे। राजघाट जाएंगे। फूल चढ़ाएंगे। पुतिन के जाते ही मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने का बिल ले आएंगे। विदेश जाएंगे तो गांधी का नाम बेचेंगे। देश में आएंगे तो गांधी के मुकाबले राम का नाम बेचेंगे। वे गांधी को फूल भी चढ़ाएंगे, गोडसे की पूजा करने वालों को संसद भी ले जाएंगे। वे अमेरिका यूरोप में गांधी का नाम लेंगे, लेकिन उनके आईटी सेल वाले हर गांधी जयंती पर गोडसे जिंदाबाद और गांधी मुर्दाबाद ट्रेंड करवाएंगे।
आपका देश, आपका धर्म, आपकी संस्कृति, आपकी सभ्यता, आपकी धरती, आपकी हर भावना जिसके प्रति आप संवेदनशील हैं, वह हर चीज उनके लिए तिजारत की चीज है। उन्हें लाभ होगा तो एक दिन आपको भी बेच देंगे। जितना जल्दी आप समझ जाएं, उतना अच्छा है।
. ##कौशिक-राज़... ✍️