रेत जानती है
कौन आया था,
कौन ठहरा था
और कौन बिना मुड़े चला गया।
क़दमों के बीच
जो फ़ासला रह गया,
वहीं कहीं
मेरा नाम दबा है।
वो फूल
कोई तोहफ़ा नहीं था
वो मेरी तरफ़ से
एक मौन स्वीकार था
कि
कुछ लोग
साथ चलने के लिए नहीं,
सिर्फ़
याद बनने आते हैं।
हवा आएगी,
निशान मिटा देगी,
पर जो नहीं मिटेगा
वो है
चलते हुए
पीछे छूट जाने का
अहसास...!!
💞प्रेम..
💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦 #💝 शायराना इश्क़#😘रोमांटिक सॉन्ग#🌸हरतालिका तीज की शुभकामनाएं🫂#🌺राधा कृष्ण💞#🎨होली की मस्ती 🤣@s.rajput