मैंने बांध लिया है प्रेम..
मर्यादाओं में !!
नियंत्रित कर लिए हैं भाव..
नही उड़ता है अब मन
खयालो के आकाश में..!
हो गए है स्थिर, उफनते जज़्बात
अनंत गहराइयो में..!!
उतार लायी हूँ जमीं पर ख़्वाब..
निर्धारित कर दी है सीमाएँ प्रेम की..!!
क्योंकि
सौ कमियां सही मुझमें
मगर कुछ खूबियां भी है----
मैंने कभी अपने स्वार्थ के लिए....
कोई रिश्ता नहीं बनाया..!!
ना नफा नुकसान देखकर....
अपनों को किया पराया..!!
जिसको भी दिल से अपना बनाया....
उसको कभी नहीं आजमाया ..!!
किसी पर भी ना बंदिशें लगाई....
ना बिना वजह हक जताया..!!
जीवन का हर रिश्ता....
पूरी ईमानदारी से निभाया..!!
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #😘बस तुम और मैं #🌙 गुड नाईट #सिर्फ तुम #💓 मोहब्बत दिल से