#📢भारतात पहिल्यांदाच इच्छामरणाची परवानगी
भारत मे पहली बार sc ने दी इच्छा मरण की परवानगी.
सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च 2026 को एक ऐतिहासिक फैसले में, 13 साल से कोमा में पड़े गाजियाबाद के 31 वर्षीय हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छा मृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दी है। यह भारत में पहली बार है कि कोर्ट ने सक्रिय रूप से किसी को इच्छा मृत्यु की मंजूरी दी है, जिसके तहत लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाया जाएगा।
मरीज: हरीश राणा (2013 से कोमा में), जो 2013 में एक हादसे के बाद से अचेत अवस्था में थे।
कोर्ट: जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने यह ऐतिहासिक निर्णय दिया।
निर्देश: एम्स (AIIMS) को हरीश राणा को पैलिएटिव केयर (Palliative Care) में रखकर धीरे-धीरे लाइफ सपोर्ट हटाने का निर्देश दिया गया है।
आधार: यह निर्णय मानवीय गरिमा (Dignity) और ठीक होने की कोई संभावना न होने के आधार पर लिया गया।
यह फैसला भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में 'राइट टू डाई' (Right to Die) यानी सम्मानपूर्वक मृत्यु के अधिकार के मामले में एक लैंडमार्क जजमेंट है।
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