#जय श्री राम #जय श्री हनुमान
🌎जब संसार में अधर्म बढ़ता है, तब श्री राम प्रकट होते हैं…
और जब धर्म को बल चाहिए होता है, तब हनुमान खड़े होते हैं।🔱♌
यह दृश्य केवल एक चित्र नहीं, बल्कि सनातन धर्म की जीवंत आत्मा है। एक ओर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम—शांत, संयमी और तेजस्वी। उनके मुख पर करुणा है, नेत्रों में धैर्य है और हाथों में धनुष—जो केवल शस्त्र नहीं, बल्कि न्याय, सत्य और कर्तव्य का प्रतीक है। श्री राम यह सिखाते हैं कि शक्ति का वास्तविक अर्थ क्रोध नहीं, बल्कि आत्मसंयम और धर्म के प्रति अडिग रहना है।
श्री राम के समीप खड़े हैं महावीर हनुमान—भक्ति, बल और समर्पण का साक्षात स्वरूप। उनका वानर रूप यह दर्शाता है कि महानता रूप या जाति से नहीं, कर्म और निष्ठा से आती है। उनकी उठी हुई हथेली आशीर्वाद देती है और यह संदेश देती है कि जो राम का होता है, वह कभी अकेला नहीं होता। हनुमान का प्रत्येक श्वास केवल एक ही नाम जपता है—श्री राम।
मंदिर की पवित्र भूमि, दीपों की लौ, पुष्पों की सुगंध और भक्तों की उपस्थिति—सब मिलकर यह अनुभूति कराते हैं कि धर्म कोई कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की विधि है। श्री राम आदर्श हैं और हनुमान आदर्श के लिए समर्पित शक्ति।
यह दृश्य हमें याद दिलाता है कि
जहाँ मर्यादा है, वहाँ श्री राम हैं।
और जहाँ निष्ठा है, वहाँ हनुमान हैं।
यही सनातन है। यही सत्य है। 🚩
जय श्री राम 🚩 🙏 जय हनुमान 🙏 🚩