जय श्री राम

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sn vyas
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#जय श्री राम तुलसी भरोसे राम के, निर्भय हो के सोए। अनहोनी होनी नहीं, होनी हो सो होए।। अर्थ: तुलसीदास जी कहते हैं कि भगवान श्री राम के नाम और उनकी कृपा पर पूरा भरोसा रखकर मनुष्य को बिना किसी डर या भय के (निश्चिंत होकर) शांति से सोना चाहिए। जो घटना कभी होनी ही नहीं है (जो भाग्य में नहीं है), वह कभी घटित नहीं होगी।और जो होना निश्चित (तय) है, वह होकर ही रहेगा, उसे कोई बदल नहीं सकता। भावार्थ: मनुष्य अक्सर उन घटनाओं को लेकर डरता रहता है जो अभी तक हुई ही नहीं हैं (जिन्हें हम 'अनहोनी' कहते हैं)।तुलसीदास जी समझाते हैं कि यदि आपका ईश्वर पर सच्चा विश्वास है, तो आपको अपनी चिंताओं का बोझ भगवान को सौंप देना चाहिए। संसार का एक अटल नियम है—नियति या प्रारब्ध। जो संकट आपके जीवन में आना ही नहीं है, वह आपके चाहने या न चाहने से नहीं आएगा। इसके विपरीत, जो बदलाव या परिस्थिति आपके जीवन में आनी तय है, उसे दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती। इसलिए, भविष्य के काल्पनिक डरों में जीने के बजाय इंसान को वर्तमान में प्रभु का ध्यान करते हुए शांत मन से रहना चाहिए। मुख्य संदेश परमात्मा पर अटूट विश्वास रखना और भविष्य की व्यर्थ चिंताओं से मुक्त होना है।🙏 🙏🌹🌻!!जय श्री राम!!🌻🌹🙏
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