Rajnee Gupta
585 views
स्वयं में परिवर्तन लाने से ही सोच और दृष्टि शुद्ध होती है। जब आत्मा अपने संस्कारों को श्रेष्ठ बनाती है, तो वही श्रेष्ठता वातावरण में भी सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा बन जाती है। आज आप अपने अंदर कौन-सा सकारात्मक परिवर्तन शुरू करेंगे? #📃लाइफ कोट्स ✒️