सुशील मेहता
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हिंदू धर्म में लक्ष्मी जयंती का व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. लक्ष्मी जयंती का व्रत फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन किया जाता है. लक्ष्मी जयंती के दिन माता लक्ष्मी की खास पूजा की जाती है. भविष्य पुराण में बताया गया है कि लक्ष्मी जयंती के दिन विधि विधान के साथ मां लक्ष्मी का पूजन करने से सुख समृद्धि प्राप्त होती है. माँ लक्ष्मी बहुत ही दयालु हैं इसलिए जो भी व्यक्ति पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ लक्ष्मी जयंती के दिन इनकी पूजा अर्चना करता है उसके जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होती है और उसके परिवार में हमेशा खुशहाली बनी रहती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भविष्य पुराण के अनुसार एक बार माता लक्ष्मी देवताओं से नाराज होकर क्षीरसागर के अंदर प्रवेश कर गयी थी. इसके बाद सभी देवता लक्ष्मी विहीन हो गए. माँ लक्ष्मी के जाने से पूरे संसार में हाहाकार मच गया. इसके पश्चात स्वर्ग के स्वामी इंद्र ने कठोर तपस्या की और विशेष विधि विधान से मां लक्ष्मी का पूजा अर्चना की. इंद्रदेव को देखकर बाकी देवताओं और ऋषि-मुनियों ने भी माता लक्ष्मी का विधि विधान के साथ पूजन की.अपने भक्तों की भक्ति को देखकर मां लक्ष्मी प्रसन्न हुई और फिर से उनके सामने प्रकट हुई. तभी से इस दिन को लक्ष्मी जयंती के रूप में मनाया जाता है.स्त्रियों के लिए यह व्रत बहुत ही सौभाग्यशाली माना जाता है. अगर कोई स्त्री लक्ष्मी जयंती का व्रत करती है तो उसे संतान धन वैभव और शांति की प्राप्ति होती है. • बहुत से लोग पंचमी तिथि के दिन हर महीने मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं. • लक्ष्मी जयंती का व्रत करने से सभी प्रकार के रोग और कष्ट से मुक्ति मिलती है और घर में बुरी शक्तियां प्रवेश नहीं कर पाती हैं. • लक्ष्मी जयंती के दिन माँ लक्ष्मी की पूजा करने से घर के सभी संकट और क्लेश दूर हो जाते हैं. • इस व्रत को करने से मनुष्य को न सिर्फ भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है बल्कि मानसिक शातिं की भी प्राप्ति होती है. • यदि आपको ऐसा महसूस हो रहा की आपके घर में लक्ष्मी नहीं आ रही हैं, या धन के आने के बाद धन टिकता नहीं है तो लक्ष्मी जयंती का व्रत जरूर करें. • इस व्रत को करने और श्रद्धा पूर्वक माँ लक्ष्मी का ध्यान कर पूजन करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और धन से जुडी समस्याएं दूर हो जाती हैं. हिंदू धर्म में लक्ष्मी जयंती का व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. लक्ष्मी जयंती का व्रत फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन किया जाता है. लक्ष्मी जयंती के दिन माता लक्ष्मी की खास पूजा की जाती है. भविष्य पुराण में बताया गया है कि लक्ष्मी जयंती के दिन विधि विधान के साथ मां लक्ष्मी का पूजन करने से सुख समृद्धि प्राप्त होती है. माँ लक्ष्मी बहुत ही दयालु हैं इसलिए जो भी व्यक्ति पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ लक्ष्मी जयंती के दिन इनकी पूजा अर्चना करता है उसके जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होती है और उसके परिवार में हमेशा खुशहाली बनी रहती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भविष्य पुराण के अनुसार एक बार माता लक्ष्मी देवताओं से नाराज होकर क्षीरसागर के अंदर प्रवेश कर गयी थी. इसके बाद सभी देवता लक्ष्मी विहीन हो गए. माँ लक्ष्मी के जाने से पूरे संसार में हाहाकार मच गया. इसके पश्चात स्वर्ग के स्वामी इंद्र ने कठोर तपस्या की और विशेष विधि विधान से मां लक्ष्मी का पूजा अर्चना की. इंद्रदेव को देखकर बाकी देवताओं और ऋषि-मुनियों ने भी माता लक्ष्मी का विधि विधान के साथ पूजन की.अपने भक्तों की भक्ति को देखकर मां लक्ष्मी प्रसन्न हुई और फिर से उनके सामने प्रकट हुई. तभी से इस दिन को लक्ष्मी जयंती के रूप में मनाया जाता है.स्त्रियों के लिए यह व्रत बहुत ही सौभाग्यशाली माना जाता है. अगर कोई स्त्री लक्ष्मी जयंती का व्रत करती है तो उसे संतान धन वैभव और शांति की प्राप्ति होती है. • बहुत से लोग पंचमी तिथि के दिन हर महीने मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं. • लक्ष्मी जयंती का व्रत करने से सभी प्रकार के रोग और कष्ट से मुक्ति मिलती है और घर में बुरी शक्तियां प्रवेश नहीं कर पाती हैं. • लक्ष्मी जयंती के दिन माँ लक्ष्मी की पूजा करने से घर के सभी संकट और क्लेश दूर हो जाते हैं. • इस व्रत को करने से मनुष्य को न सिर्फ भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है बल्कि मानसिक शातिं की भी प्राप्ति होती है. • यदि आपको ऐसा महसूस हो रहा की आपके घर में लक्ष्मी नहीं आ रही हैं, या धन के आने के बाद धन टिकता नहीं है तो लक्ष्मी जयंती का व्रत जरूर करें. • इस व्रत को करने और श्रद्धा पूर्वक माँ लक्ष्मी का ध्यान कर पूजन करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और धन से जुडी समस्याएं दूर हो जाती हैं. #शुभ कामनाएँ 🙏