#श्री हरि विष्णु
सहस्रनाम (जैसे विष्णु सहस्रनाम या शिव सहस्रनाम) का पाठ करने की अवधि आपके उद्देश्य और संकल्प पर निर्भर करती है। शास्त्रों और विद्वानों के अनुसार इसके लिए कुछ विशेष अवधियाँ श्रेष्ठ मानी गई हैं:
1. 41 दिनों का संकल्प (मंडल पूजा)
किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति या रुके हुए कार्यों को सिद्ध करने के लिए 41 दिनों तक निरंतर पाठ करना सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। इसे 'एक मंडल' की साधना कहा जाता है, जो मानसिक और आध्यात्मिक परिवर्तन के लिए पर्याप्त समय माना गया है।
2. 21 दिनों का पाठ
यदि आप किसी संकट से मुक्ति या मानसिक शांति के लिए पाठ कर रहे हैं, तो 21 दिनों का संकल्प लेना उत्तम रहता है। यह अवधि अनुशासन और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक होती है।
3. 108 दिनों का अनुष्ठान
गहन आध्यात्मिक लाभ, ग्रहों के दोष निवारण या आत्म-साक्षात्कार के उद्देश्य से 108 दिनों तक सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
4. विशेष तिथियों पर पाठ
यदि आप प्रतिदिन नहीं कर सकते, तो कुछ विशेष तिथियों पर इसका पाठ करना भी बहुत पुण्यकारी है:
पूर्णिमा या अमावस्या
एकादशी (विष्णु सहस्रनाम के लिए सर्वश्रेष्ठ)
प्रदोष या सोमवार (शिव सहस्रनाम के लिए सर्वश्रेष्ठ)
5. नित्य पाठ (जीवनभर)
अध्यात्मिक उन्नति और निरंतर सुरक्षा कवच बनाए रखने के लिए सहस्रनाम का नित्य (रोजाना) पाठ करना सबसे उत्तम है। शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति प्रतिदिन सहस्रनाम का पाठ करता है, उसे किसी भी प्रकार का भय या बाधा स्पर्श नहीं कर पाती।
विशेष ध्यान देने योग्य बातें:
पाठ शुरू करने से पहले हाथ में जल लेकर संकल्प अवश्य लें कि आप इसे कितने दिनों तक और किस उद्देश्य के लिए कर रहे हैं।
प्रतिदिन पाठ का समय और स्थान यथासंभव एक ही रखें।
यदि स्वयं पाठ करना कठिन हो, तो इसे श्रद्धापूर्वक सुनना भी समान फलदायी माना गया है।