Vijay Dass
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#GodMorningTuesday #2026_की_सबसे_बड़ी_भविष्यवाणी . परमात्मा पत्थर नहीं जिंदा है बोलत है धर्मदास, सुनौं जिंदे मम बाणी। कौन तुम्हारी जाति, कहां सैं आये प्राणी।। ये अचरज की बात, कही तैं मो सैं लीला। नामा के पीया दूध, पत्थर सैं करी करीला। नरसीला नित नाच, पत्थर के आगै रहते। जाकी हूंडी झालि, सांवल जो शाह कहंते।। पत्थर सेयै रैंदास, दूध जिन बेगि पिलाया। सुनौ जिंद जगदीश, कहां तुम ज्ञान सुनाया।। परमेश्वर प्रवानि, पत्थर नहीं कहिये जिंदा। नामा की छांनि छिवाई, दइ देखो सर संधा।। सिरगुण सेवा सार है, निरगुण सें नहीं नेह। सुन जिंदे जगदीश तूं, हम शिक्षा क्या देह।। धर्मदास जी कुछ नाराज होकर परमेश्वर से बोले कि हे (प्राणी) जीव! तेरी जाति क्या है? कहाँ से आया है? आपने मेरे से बड़ी (अचरज) हैरान कर देने वाली बातें कही हैं, सुनो! नामदेव ने पत्थर के देव को दूध पिलाया। नरसी भक्त नित्य पत्थर के सामने नृत्य किया करता यानि पत्थर की मूर्ति की पूजा करता था। उसकी (हूंडी झाली) ड्रॉफ्ट कैश किया। वहाँ पर सांवल शाह कहलाया। रविदास ने पत्थर की मूर्ति को दूध पिलाया। हे जिन्दा! तू यह क्या शिक्षा दे रहा है कि पत्थर की पूजा त्याग दो। ये मूर्ति परमेश्वर समान हैं। इनको पत्थर न कहो। नामदेव की छान (झोंपड़ी की छत) छवाई (डाली)। देख ले परमेश्वर की लीला। हम तो सर्गुण (पत्थर की मूर्ति जो साक्षात आकार है) की पूजा सही मानते हैं। निर्गुण से हमारा लगाव नहीं है। हे जिन्दा! मुझे क्या शिक्षा दे रहा है? Factful Debates YouTube Channel #sant ram pal ji maharaj #me follow