राष्ट्रीय आयुध निर्माण कारखाना दिवस
प्रतिवर्ष आयुध निर्माण दिवस 18 मार्च को भारत में मनाया जाता है। इस दिन को ऑर्डिनेंस फैक्ट्री डे भी कहा जाता है। भारतीय आयुध कारखाना भारत के रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आता है जहां अपनी राजनीतिक शक्ति को बढाने हेतु सैन्य सामग्रियों का निर्माण किया जाता है। यह कारखाना कोलकाता के कोसिपुर नामक जगह पर शुरू किया गया था जो भारत का सबसे पुराना ऑर्डिनेंस फैक्ट्री है। आयुध निर्माण कारखाना को देश की रक्षा का चौथा भुजा माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि किसी भी युद्ध में लड़ने के लिए सबसे पहले सही परिमाण में हत्यारों की आवश्यकता पड़ती है जो मात्र ऑर्डिनेंस कारखानों की मदद से ही पूर्ण हो पाता है। आज अगर सही नजरिए से देखा जाए तो हमारे देश के आयुध निर्माण कारखानों का भारत की रक्षा प्रणाली में बहुत महत्वपूर्ण योगदान है।
भारतीय आयुध कारखानों का इतिहास भारत में ब्रिटिश शासन से सीधे जुड़ा हुआ है। ईस्ट इंडिया कंपनी ने सैन्य हार्डवेयर को भारत में अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने और उनके आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण तत्व के रूप में माना। 1775 के वर्ष में, ईस्ट इंडिया कंपनी ने कलकत्ता में फोर्ट विलियम में ऑर्डनेंस बोर्ड की नींव की प्रशंसा की। यह भारतीय सेना अध्यादेश के आधिकारिक शुरूआत का प्रतिनिधित्व करता है। आयुध निर्माण कारखानों का उद्देश्य रक्षा के उत्पादन में आत्मनिर्भरता पैदा करना और आम जनता के बीच गोला बारूद और हथियार के बारे में जागरूकता पैदा करना है।
#शुभ कामनाएँ 🙏