हर साल 14 मार्च का दिन दुनियाभर में नदियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका मकसद नदियों में बढ़ रहे प्रदूषण को रोकना, नदियों की रक्षा के उपायों के प्रति लोगों को जागरूक करना और उनके लिए बनाई गई नीतियों में सुधार करना होता है। कूर्टिबा ब्राजील में बांधों से प्रभावित लोगों की 14 मार्च 1997 की पहली अंतर्राष्ट्रीय बैठक में बांध और नदियों के लिए International Day of Action for Rivers की शुरुआत हुई थी जिसके बाद से हर साल दुनियाभर में 14 March का दिन "नदियों के लिए कार्रवाई के अंतर्राष्ट्रीय दिवस" के रूप में मनाया जाने लगा। 20 देशों के प्रतिनिधित्व ने 14 मार्च को नामित किया था और सभी ने मिलकर शपथ ली कि दुनिया में जितने भी बड़े बांध हैं उनकी देख-रेख और सुरक्षा पर खासतौर से ध्यान दिया जाएगा। हाल के समय में 100 से ज्यादा देश इससे जुड़ चुके है। कूर्टिबा ब्राजील में बांधों से प्रभावित लोगों की 14 मार्च 1997 की पहली अंतर्राष्ट्रीय बैठक में बांध और नदियों के लिए International Day of Action for Rivers की शुरुआत हुई थी जिसके बाद से हर साल दुनियाभर में 14 March का दिन "नदियों के लिए कार्रवाई के अंतर्राष्ट्रीय दिवस" के रूप में मनाया जाने लगा। 20 देशों के प्रतिनिधित्व ने 14 मार्च को नामित किया था और सभी ने मिलकर शपथ ली कि दुनिया में जितने भी बड़े बांध हैं उनकी देख-रेख और सुरक्षा पर खासतौर से ध्यान दिया जाएगा। हाल के समय में 100 से ज्यादा देश इससे जुड़ चुके है। जल पीने के अलावा पृथ्वी में नमी बनाए रखने में भी मददगार साबित होता है। पृथ्वी पर उगने वाली वनस्पति तथा फसलों का पोषण भी इसी जल से होता है। तो अगर पानी दूषित होता है तो इन सब पर प्रभाव पड़ेगा जो कहीं न कहीं जल ही नहीं हमारे अस्तित्व पर भी संकट समान है। तो ये समस्या कितनी बड़ी है और इसके इन्हीं नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक बनाना इस दिवस का उद्देश्य है। "ईश्वर ने मानव जीवन देने के लिए नदियों को बनाया। नदियां है तो धरती पर जीवन है। हमें उन्हें संरक्षित करना है। आप सभी को आज के दिन की हार्दिक शुभकामनाएं।"
"आओ नदियों की सुरक्षा को लेकर एक कदम हम सब भी बढ़ाएं, नदी सुरक्षित तो हम सुरक्षित।
#जागरूकता दिवस