Mahendra Narayan
468 views
साँप बनने से फिर भी बचता है, आदमी आदमी को डँसता है। जितना आजाद होना चाहे वो, ख़ुद के ही जाल में वो फँसता है। #📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #😇 चाणक्य नीति #कविता