विश्व हिंदी दिवस (World Hindi Day)
विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य हिंदी भाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना और विश्व भर में हिंदी के महत्व को रेखांकित करना है। यह दिवस भारत सहित कई देशों में बसे हिंदी प्रेमियों को एक साझा मंच प्रदान करता है।
📅 विश्व हिंदी दिवस की शुरुआत
विश्व हिंदी दिवस पहली बार 10 जनवरी 2006 को मनाया गया था। इस दिन का चयन इसलिए किया गया क्योंकि 10 जनवरी 1975 को नागपुर (महाराष्ट्र) में पहला विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित हुआ था। उसी ऐतिहासिक सम्मेलन की स्मृति में हर साल 10 जनवरी को यह दिवस मनाया जाता है।
🗣️ हिंदी भाषा का महत्व
हिंदी विश्व की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। यह न केवल भारत की राजभाषा है, बल्कि कई देशों जैसे नेपाल, फिजी, मॉरीशस, सूरीनाम, त्रिनिदाद और टोबैगो आदि में भी हिंदी या उससे जुड़ी भाषाएँ बोली जाती हैं। हिंदी हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों की वाहक है।
🎯 विश्व हिंदी दिवस का उद्देश्य
हिंदी भाषा को वैश्विक पहचान दिलाना
विदेशी धरती पर हिंदी के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना
नई पीढ़ी को हिंदी भाषा से जोड़ना
हिंदी साहित्य और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच देना
🏛️ कैसे मनाया जाता है
इस अवसर पर भारत के विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों, स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों द्वारा:
हिंदी कवि सम्मेलन
निबंध प्रतियोगिता
भाषण कार्यक्रम
#Educational
हिंदी कार्यशालाएँ
आदि का आयोजन किया जाता है।
🌐 विश्व स्तर पर हिंदी
आज डिजिटल माध्यम, सोशल मीडिया, फिल्मों और साहित्य के कारण हिंदी विश्व के कोने-कोने तक पहुँच रही है। विश्व हिंदी दिवस इसी बढ़ते प्रभाव का प्रतीक है।
✨ निष्कर्ष
विश्व हिंदी दिवस हमें अपनी मातृभाषा पर गर्व करने और उसे अपनाने की प्रेरणा देता है। हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी पहचान और आत्मा है। इसे सहेजना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।