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Nitin Lath
520 views 2 days ago
🌟 फ़र्डिनान्ड शेवाल कौन थे? Ferdinand Cheval (फर्डिनान्ड शेवाल) एक साधारण फ्रेंच डाकिए (मेलमैन) थे, जिनका जन्म 19 अप्रैल 1836 को फ्रांस के Drôme इलाके में हुआ था। उन्होंने औपचारिक शिक्षा बहुत कम प्राप्त की थी और जिंदगी में सामान्य काम करते थे, लेकिन उन्होंने अपने सपने और कल्पना को सच्चाई में बदल दिया। � Wikipedia 🏰 Palais Idéal — उनका अद्वितीय “आइडियल पैलेस” 🧱 शुरुआत एक दिन 1879 में अपने डाक के रूट पर चलते हुए, Cheval का पैर एक अजीब-सी आकार की पत्थर पर ठोकर खाकर गिर पड़ा। उस पत्थर के आकार ने उन्हें बहुत प्रेरित किया। � Le Palais Idéal du Facteur Cheval अगले दिन उन्होंने उसी तरह के कई पत्थर इकट्ठा किए और घर ले आएँ। इन्हीं पत्थरों से उन्होंने अपना सपना एक महल जैसा ढांचा बनाने का निर्णय लिया। � Wikipedia 👷 निर्माण की कहानी उन्होंने 1879 से 1912 तक लगभग 33 साल तक एकल-हाथ यह महल बनाया। � Wikipedia +1 रोज़ डाक बाँटते समय, 30-40 किलोमीटर पैदल चलकर, वे रास्ते में चुने हुए प्राकृतिक पत्थरों को wheelbarrow (टोकरी) में भरकर अपने घर लाते थे। � Le Palais Idéal du Facteur Cheval रात में तेल की लैंप की रोशनी में भी वे लगातार काम करते थे। � Atlas Obscura उन्होंने पत्थरों को चूने, मोर्टार और सीमेंट से जोड़कर महल की दीवारें, गलियाँ, गुफाएँ और टावर बनाए। � Atlas Obscura 🏛️ पैलेस की खास बातें ✨ अनोखी शैली Palais Idéal (आइडियल पैलेस) यह कोई पारंपरिक महल नहीं है — यह एक कल्पनाशील, फैंटेसी-जैसा, naïve art (उन अनुभूत कला) का अद्भुत उदाहरण है: स्थापत्य शैली में हिन्दू मंदिर, मिस्र, यूरोपीय महल, अरब मस्जिद जैसे कई प्रभाव दिखते हैं। � Paris Secret यहाँ जानवरों, दैत्य-मूर्ति, ग्रोथ और पथरें गहराई-से तराशी हुई हैं। � Atlas Obscura पूरी संरचना लगभग 26 मीटर लंबी और 12 मीटर ऊँची है। � Wikipedia 🧠 प्रेरणा और कला Cheval ने इस पर कई कविताएँ और उद्धरण खुद ही खुदाई करके लिखे जैसे: “The work of one man” यानी “एक व्यक्ति का कार्य”। � Atlas Obscura उनका संदेश था कि संघर्ष, कल्पना और मेहनत से कोई भी असंभव लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। � Atlas Obscura 📜 महत्त्व और मान्यता यह अनूठी रचना आज France के Hauterives (ड्रोम विभाग) में है और एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारक के रूप में संरक्षित है। � Wikipedia 1969 में इसे Historic Monument (ऐतिहासिक स्मारक) घोषित किया गया। � Wikipedia यह दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करता है और कला प्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। � Atlas Obscura 🪦 शेवाल की बाकी रचनाएँ इस पैलेस के अलावा उन्होंने अपने स्वयं के लिए एक अद्वितीय #Educational कब्र (tomb/memorial) भी बनाया, जिसे later cemetery में स्थापित किया गया। � avignon-et-provence.com 🧠 संक्षेप में 📌 Ferdinand Cheval एक साधारण डाकिया था, जिसने बिना किसी औपचारिक कला या वास्तुकला की शिक्षा के 33 साल तक अकेले एक अद्भुत स्वप्न-महल बनाया। � 📌 यह महल Palais Idéal नाम से जाना जाता है और आज भी कला-प्रेमियों के लिए एक प्रेरणा है। �
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Nitin Lath
18K views 9 days ago
विश्व हिंदी दिवस (World Hindi Day) विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य हिंदी भाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना और विश्व भर में हिंदी के महत्व को रेखांकित करना है। यह दिवस भारत सहित कई देशों में बसे हिंदी प्रेमियों को एक साझा मंच प्रदान करता है। 📅 विश्व हिंदी दिवस की शुरुआत विश्व हिंदी दिवस पहली बार 10 जनवरी 2006 को मनाया गया था। इस दिन का चयन इसलिए किया गया क्योंकि 10 जनवरी 1975 को नागपुर (महाराष्ट्र) में पहला विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित हुआ था। उसी ऐतिहासिक सम्मेलन की स्मृति में हर साल 10 जनवरी को यह दिवस मनाया जाता है। 🗣️ हिंदी भाषा का महत्व हिंदी विश्व की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। यह न केवल भारत की राजभाषा है, बल्कि कई देशों जैसे नेपाल, फिजी, मॉरीशस, सूरीनाम, त्रिनिदाद और टोबैगो आदि में भी हिंदी या उससे जुड़ी भाषाएँ बोली जाती हैं। हिंदी हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों की वाहक है। 🎯 विश्व हिंदी दिवस का उद्देश्य हिंदी भाषा को वैश्विक पहचान दिलाना विदेशी धरती पर हिंदी के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना नई पीढ़ी को हिंदी भाषा से जोड़ना हिंदी साहित्य और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच देना 🏛️ कैसे मनाया जाता है इस अवसर पर भारत के विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों, स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों द्वारा: हिंदी कवि सम्मेलन निबंध प्रतियोगिता भाषण कार्यक्रम #Educational हिंदी कार्यशालाएँ आदि का आयोजन किया जाता है। 🌐 विश्व स्तर पर हिंदी आज डिजिटल माध्यम, सोशल मीडिया, फिल्मों और साहित्य के कारण हिंदी विश्व के कोने-कोने तक पहुँच रही है। विश्व हिंदी दिवस इसी बढ़ते प्रभाव का प्रतीक है। ✨ निष्कर्ष विश्व हिंदी दिवस हमें अपनी मातृभाषा पर गर्व करने और उसे अपनाने की प्रेरणा देता है। हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी पहचान और आत्मा है। इसे सहेजना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
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