मैं अंधेरों से घिरा हुआ था
तुम आए रौशनी बनके
मैं गमों से भरा हुआ था
तुम आए खुशी बनके
मैं जख्मों से घायल था
तुम आए तबीब बनके
मैं फकत कांटो को जनता था
तुम आए महकता हुआ गुलाब बनके
मैं आवारा सा इक परिंदा
तुम आए आशियाना बनके
मैं ज़ाहिल था ज़हालत से भरा हुआ
तुम आए मेरी तालीमी किताब बनके
मैं एहसासो से वाकिफ ना था
तुम आए मेरी एहसास बनके
मैं दीवारों से लग कर रोता था
तुम आए मेरा सहारा बनके
मुहब्बत का हर्फ किताबो में पढ़ा था
तुमने मुहब्बत से रूबरू कराया मुहब्बत
बनके
मैं साहिल पे बैठ किसी गहरे सोच में
गुम रहता था
तुम मेरी जहन में बैठ गए मेरी सोच
बनके
कभी बरसती बूंदों को इन महकती हवाओ
को महसूस नही किया
तुमने कराया महसूस तुम आए मेरा
खूबसूरत ख्याल बनके
मैं मौत की तलाश मे था
तुम आए जिंदगी बनके
मैने तुम्हे आंखो का काजल लिखा था
तुम आए मेरी हसीन गजल बनके...!
_alfaaz_dil_ke_
##️⃣DilShayarana💘 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💝 इज़हार-ए-मोहब्बत #💔मरीज-ए-इश्क❤ #😒दर्द भरी शायरी🌸