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#💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ ##️⃣DilShayarana💘
💝 शायराना इश्क़ - चाल सतरंज में अच्छी लगती है रिश्तों में नहीं ! चाल सतरंज में अच्छी लगती है रिश्तों में नहीं ! - ShareChat
#💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ ##️⃣DilShayarana💘
💝 शायराना इश्क़ - सबंध का अर्थ हैं पीठ पीछे भी सम्मान !! सबंध का अर्थ हैं पीठ पीछे भी सम्मान !! - ShareChat
#💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ ##️⃣DilShayarana💘
💝 शायराना इश्क़ - गिराने के लिए लोग धक्का ही नहीं " सहारा" भी देतें हैं॰ ೦ गिराने के लिए लोग धक्का ही नहीं " सहारा" भी देतें हैं॰ ೦ - ShareChat
#💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ ##️⃣DilShayarana💘
💝 शायराना इश्क़ - वजह छोटी और नुकसान बड़ा उसका नाम है क्रोध वजह छोटी और नुकसान बड़ा उसका नाम है क्रोध - ShareChat
#💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ ##️⃣DilShayarana💘
💝 शायराना इश्क़ - कर्ज़ तो उतर जाता है लेकिन एहसान नहीं उतरता.. कर्ज़ तो उतर जाता है लेकिन एहसान नहीं उतरता.. - ShareChat
#💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ ##️⃣DilShayarana💘
💝 शायराना इश्क़ - सेहत ठीक रखने के लिए कड़वी दवा और संबंध ठीक रखने के लिए कड़वे घूंट अक्सर पीने 8 पडते सेहत ठीक रखने के लिए कड़वी दवा और संबंध ठीक रखने के लिए कड़वे घूंट अक्सर पीने 8 पडते - ShareChat
#💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ ##️⃣DilShayarana💘
💝 शायराना इश्क़ - कमज़ोर व्यक्ति का गुस्सा और अमीर व्यक्ति का मज़ाक कभी हल्के में ٦٩٠٠٠ कमज़ोर व्यक्ति का गुस्सा और अमीर व्यक्ति का मज़ाक कभी हल्के में ٦٩٠٠٠ - ShareChat
#💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ ##️⃣DilShayarana💘
💝 शायराना इश्क़ - समय और स्थिति कभी भी बदल सकती है इसलिए किसी का अपमान ना करें॰॰ समय और स्थिति कभी भी बदल सकती है इसलिए किसी का अपमान ना करें॰॰ - ShareChat
#💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ ##️⃣DilShayarana💘
💝 शायराना इश्क़ - ये कलयुग है लाला, यहां कर्म काले और... ! स्टेट्स भगवान वाले लगाते हैं...!! Hindi Writer RK ये कलयुग है लाला, यहां कर्म काले और... ! स्टेट्स भगवान वाले लगाते हैं...!! Hindi Writer RK - ShareChat
#💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ ##️⃣DilShayarana💘
💝 शायराना इश्क़ - MERE ALFAA कभी ख़ुद से भी रूबरू करा दें " ऐ मालिक 0 कब तक यूं परायों में अपने होंने का निशा ढूंढ़ता फिरू...! MERE ALFAA कभी ख़ुद से भी रूबरू करा दें " ऐ मालिक 0 कब तक यूं परायों में अपने होंने का निशा ढूंढ़ता फिरू...! - ShareChat