-Manoj Chauhan
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आंसूओ तले मेरे सारे अरमान बह गये जिनसे उमीद लगाए थे वही बेवफा हो गये थी हमे जिन चिरागो से उजाले की चाह, वो चिराग ना जाने किन अंधेरो में खो गये आसू ओ तले अरमान बह गये!! लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺