-Manoj Chauhan
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3 months ago
आंसूओ तले मेरे सारे अरमान बह गये जिनसे उमीद लगाए थे वही बेवफा हो गये थी हमे जिन चिरागो से उजाले की चाह, वो चिराग ना जाने किन अंधेरो में खो गये आसू ओ तले अरमान बह गये!! लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺