Surya Dasi
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4 months ago
🎉गीताजी अध्याय 18 श्लोक 62 प्रमाणित करता है कि पूर्ण परमात्मा गीता ज्ञानदाता से भिन्न है। हे भारत! तू संपूर्ण भाव से उस परमेश्वर की ही शरण में जा। उस परमात्मा की कृपा से ही तू परम शान्ति को तथा सदा रहने वाले अविनाशी स्थान को अर्थात् सतलोक को प्राप्त होगा।” यही प्रमाण गीता जी अध्याय 18 श्लोक 66 में भी दिया गया है। #🙏गीता ज्ञान🛕