रोहणः आत्रेयः
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3 months ago
ज्ञानरहित, झूठ बोलने और दिखावा करने वाले गुरु को त्याग देना चाहिए, क्योंकि जो स्वयं शांति प्राप्त करना नहीं जानता, अर्थात् अशांत है, वह दूसरों को शांति कैसे दे सकता है? ज्ञानहीनो गुरुत्याज्यो मिथ्यावादी विडम्बकः। स्वविश्रान्ति न जानाति परशान्तिं करोति किम् ॥ #परमपिता परमात्मा शिव बाबा लव यू