रावण गुप्तचर राक्षसों से पूछ रहा है कि वानर भालुओं के दल के समाचार बताओ जिनका जीवन इस शांत समुंदर के कारण अभी तक बचा है, बीच मे सागर न होता तो लंका के राक्षशों ने अब तक सब को खा लिया होता, और उन दोनों तपस्वी बालकों के हाल बताओ जिनके , उनकी बातें विस्तार से बताओ , बताओ कि कैसे उनके मन में मेरे प्रति क्रोध है, कैसे वो मेरे जैसे महाबली से युद्ध की हिम्मत कर रहे हैं,बताओ कि मेरे से भयभीत तो हैं ना वो दोनों, (यह पूछ कर रावण अपने मन मे पैदा हुए भय को छिपाना चाह रहा है, चोर की दाढ़ी में तिनके की तरह)
।। राम राम ।।
##सुंदरकांड पाठ चौपाई📙🚩