digital निर्माता
642 views
कानून का हुक: "जब ज्ञान ब्लॉक किया जाता है, न्याय चुप हो जाता है" ⚖️🔥 — भारत की सुप्रीम कोर्ट ने 9 मई 2025 को दिल्ली उच्च न्यायालय के हटाने के आदेश को पलटकर Wikipedia पर हटाए गए पन्ने की बहाली का रास्ता साफ़ किया, जिससे public scrutiny और free speech को बड़ी जीत मिली। Wikimedia ने पहले इस हटाए जाने के आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी — यह मामला दिखाता है कि content takedown पर कानूनी लड़ाईयां सूचना की स्वतंत्रता और मानहानि (defamation) के बीच संतुलन पर किस तरह मेलजोल कराती हैं। Wikimedia के नोट्स और विश्लेषण के अनुसार यह बहाली सार्वजनिक चर्चा और संवैधानिक सिद्धांतों के समर्थन में एक मिसाल बन गई है। तर्क/साइंस: खुले सूचना-फ्लो से ही सामाजिक जाँच (social audit) और तथ्य-जांच संभव है — अगर प्लेटफ़ॉर्म्स पर जानकारी को नियमतः censor किया जाएगा तो लोकतंत्र की feedback-loop टूटती है; इसलिए कानूनों में proportionality और जवाबदेही के मानदण्ड लागू करना ज़रूरी है — जो सही है उसे सही कहो और जो अनावश्यक सेंसरशिप है उसे गलत कहो। संबंधित केस-एंट्री Wikipedia पर उपलब्ध है। #कानून #न्याय #FreeSpeech #Wikipedia #सत्यविज्ञान ⚖️📚🗞️ @अपना कानून @साेनाली कानडे @ओमकार कानडे @विद्या कान्त मिश्र @प्राची राजू कानडे #कानून #किसान कानून, किसान कानून का विरोध, कांग्रेस का विरोध #~जन्संख्या कानून जल्द लाने की जरूरत है । ~ #किसान आंदोलन, सुप्रीम कोर्ट, कृषि कानून, केंद्र सरकार