उत्तम क्षमा का अर्थ है 'सर्वोत्तम क्षमा' या 'पूरी तरह से माफ करना'। यह जैन धर्म के दसलक्षण पर्व का पहला दिन होता है, जिसमें जैन अनुयायी 10 गुणों या धर्मों का पालन करते हैं।
इस पर्व के दौरान, लोग आत्म-शुद्धि और क्षमा पर ध्यान केंद्रित करते हैं। वे अपने मन, वचन, और कर्म से हुई गलतियों के लिए दूसरों से माफी मांगते हैं और दूसरों को भी माफ करते हैं।
उत्तम क्षमा का महत्व:
शांति और भाईचारा: यह पर्व आपसी वैमनस्य को खत्म करके प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देता है।
आत्म-शुद्धि: यह हमें अपनी गलतियों को स्वीकार करने और उनसे सीखने का अवसर देता है।
आध्यात्मिक विकास: क्षमा करने और क्षमा मांगने से मन हल्का होता है और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
यह पर्व हमें सिखाता है कि क्षमा एक बहुत बड़ा गुण है जो हमारे जीवन में शांति और सकारात्मकता लाता है।
#उत्तम क्षमा #🗞️28 अगस्त के अपडेट 🔴 #🗞️🗞️Latest Hindi News🗞️🗞️ #🗞breaking news🗞 #aaj ki taaja khabar