Rakhi Roy Dasi
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1 days ago
संत गरीबदास जी ने कहा है कि:- तमा + खू = तमाखू। खू नाम खून का तमा नाम गाय। सौ बार सौगंध इसे न पीयें-खाय।। भावार्थ:- भावार्थ है कि फारसी भाषा में ‘‘तमा’’ गाय को कहते हैं। खू = खून यानि रक्त को कहते हैं। यह तमाखू गाय के रक्त से उपजा है। इसके ऊपर गाय के बाल जैसे रूंग (रोम) जैसे होते हैं। हे मानव! तेरे को सौ बार सौगंद है कि इस तमाखू का सेवन किसी रूप में भी मत कर। तमाखू का सेवन गाय का खून पीने के समान पाप लगता है। #ঈশ্বর আস্তা #🙂ভক্তি😊 #🔴আজকের ভক্তি ভিডিও স্ট্যাটাস😀 #😇অনুপ্রেরণা মূলক জীবনী শিক্ষা #🙂ভক্তির সকাল😇