#राधे राधे #राधे कृष्ण
अष्टसखीं मिलि वैजन्ती माला ,
प्रभु कूँ पहिरावै ,
ललिता वीणा देत प्रभूमुख ,
दर्पन दरस करावै l
चवावें बीणा हरे हरे ,हरी हे ,
चवावैं वीणा सब सखियाँ ll
कोयल कूकें मोर पपीहा,
अपनी धुनि में गावैं ,
मेहा परत फुआर सखी मिलि ,
कुंजन मोद मनावैं l
मुस्कावैं कोई हरे हरे हरी हे,
मुस्कावैं कोई-कोई सखियां ll
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