sn vyas
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8 hours ago
🦌🦌🦌🦌🦌🦌🦌🦌🦌 🚩सुप्रभातम् असम्भवं हेममृगस्य जन्म तथापि रामो लुलुमे मृगाय। प्रायः समापन्नविपत्तिकाले धियोऽपि पुंसां मलिना भवन्ति॥ (हितोपदेशः मित्रलाभः- २८) 🚩 अर्थात्👉 सोने के मृग का होना असंभव है, तो भी रामचन्द्रजी सोने के मृगके पीछे लालच में आ गये, इसलिये विपत्तिकाल आने पर महापुरुषों की बुद्धियाँ भी बहुधा मलिन हो जाती हैं ! 🚩जय श्री कृष्ण 🦌🦌🦌🦌🦌🦌🦌🦌🦌 #हितोपदेश #🙏सुविचार📿 #🌞सुप्रभात सन्देश #🙏 प्रेरणादायक विचार