*कहानी: "8 महीने और 300 मीटर"* 🏡🚴♂️🇮🇳
,,,,,,, *. इंतज़ार*
B-17 क्वार्टर की बालकनी। दीवार पर लिखा था: *"Service Before Self"*।
नेहा हर शाम वहीं खड़ी रहती। बालों में गजरा, आँखें सड़क के आखिरी मोड़ पर।
8 महीने हो गए थे। #सुशील की पोस्टिंग LOC पर थी।
फोन आता था... पर आवाज़ में वो *सुकून* नहीं आता था जो सामने देखकर मिलता।
माँ कहती: "बेटा, फ़ौजी की बीवी इंतज़ार करना सीख ले तो आधी जंग जीत लेती है।"
*. वो दूर एक बिंदु*
आज शाम कुछ अलग थी। हवा में अजीब सी खुशबू थी।
#नेहा ने दूर सड़क पर एक बिंदु देखा। वर्दी... साइकिल... और वो चाल।
दिल ने कहा: "वो है"
दिमाग बोला: "वहम है। बिना बताए कैसे आएगा?"
पर दिल कब मानता है। हाथ अनजाने में गाल पर आ गया। सांसें तेज़।
*. 300 मीटर की दूरी*
साइन बोर्ड साफ़ दिखा: *"SLOW DOWN YOU ARE IN AN ARMY AREA"*
सुशील ने साइकिल धीमी नहीं की। 8 महीने का इंतज़ार 300 मीटर में कैसे कटे?
उसकी नज़र सीधा B-17 पर थी। बालकनी पर गजरा चमक रहा था।
वो मुस्कुरा रहा था। थकान, धूल, 5 दिन का सफर... सब चेहरे से गायब था।
बस आँखों में *'घर आ गया'* वाला सुकून था।
*. मिलन*
साइकिल की घंटी भी नहीं बजाई।
#नेहा दौड़कर नीचे आई। पल्लू संभालना भूल गई।
दरवाज़े पर ही बाहें फैला दीं।
#सुशील साइकिल से कूदा नहीं... उतरा भी नहीं... बस रुक गया।
एक पल को दोनों चुप। सिर्फ तिरंगा हवा में फहरा रहा था।
नेहा की आँखें बोलीं: "बताया क्यों नहीं?"
#सुशील की आँखें बोलीं: *"सरप्राइज़ वर्दी में अच्छे लगते हैं"*
*खत्म नहीं, शुरू*
पीछे बोर्ड पर लिखा था: *"JAI HIND"* 🇮🇳🇮🇳
असल में जय हिंद 🇮🇳 वो *इंतज़ार* है जो सुशील ने नेहा के लिये किया।
जय हिंद 🇮🇳 वो *300 मीटर* है जो #सुशील ने साइकिल पर उड़ कर तय किए।
क्योंकि फौजी की मोहब्बत में *"Service Before Self"* होता है...
पर *घर आने के बाद सिर्फ 'Self'* होता है। वो पल, वो सुकून, वो अपनापन।
*एक फौजी का घर आना... सिर्फ छुट्टी नहीं, त्योहार होता है*
🫡❤️.. अगर प्यार सच्चा हैं तो दूरिया नज़र नहीं आती..
पसन्द आए तो प्यार और आशीर्वाद पक्का देना🥰🥰...
जय हिन्द 🇮🇳🇮🇳🇮🇳
#💓 फ़ौजी के दिल की बातें #🙏 जवानों को सलाम #🎖️देश के जांबाज #🎖️देश के सिपाही @वादी ए इश्क़ से आया है मेरा सहज़ादा ❤ siyaa 😛 @ sahiba 🫡 @💜💜 मेरी मां मेरा स्वाभिमान है 💜💜 @Gayatri sahani
#🙌 इंडियन आर्मी पर गर्व